अभिजीत दिपके को कॉकरॉच जनता पार्टी के ‘तिरंगा विधानसभा’ से पहले दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया
परिचय
नई दिल्ली के कॉनक्वॉर्ट प्लेस में आयोजित होने वाली ‘तिरंगा विधानसभा’ के आयोजन से कुछ घंटे पहले, कॉकरॉच जनता पार्टी (कॉकरॉच जनता पार्टी) के संस्थापक एवं समन्वयक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह घटना उसी समय हुई जब पार्टी ने केंद्रीय पार्क में 5 बजे के बाद एक सार्वजनिक सभा का आह्वान किया था।
मुख्य घटनाक्रम
अभिजीत दिपके को पुलिस ने कॉनक्वॉर्ट प्लेस की ओर जाते हुए रोका। पुलिस के अनुसार, उन्हें दो अलग-अलग नोटिसों के बावजूद भी सभा आयोजित करने का प्रयास करते हुए पाया गया। पहली नोटिस नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा जारी की गई थी, जिसमें दिपके को केंद्रीय पार्क में किसी भी प्रकार के कार्यक्रम की अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया गया था। दूसरी नोटिस दक्षिण पश्चिम नई दिल्ली प्राधिकरण द्वारा जारी की गई, जिसमें दिपके और उनके सह-समन्वयकों आशुतोष रंका तथा सौरव दास को पूर्व में एयरपोर्ट पर की गई निवारक हिरासत के बाद अदालत के समक्ष पेश होने के बाद लगाए गए कानूनी प्रतिबद्धता (लिगल अंडरटेकिंग) की याद दिलाई गई।
पुलिस ने बताया कि केंद्रीय पार्क पर ‘प्रोहिबिटरी ऑर्डर’ लागू है, जिसके तहत सार्वजनिक समागम व प्रदर्शन पर प्रतिबंध है। इस आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोटिसों में यह भी कहा गया कि ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के अनुच्छेद 163 के अंतर्गत यह प्रतिबंध लागू है, और इस प्रावधान के तहत केंद्रीय पार्क में किसी भी प्रकार के कार्यक्रम की अनुमति नहीं है।
महत्वपूर्ण जानकारी
1. नोटिसों का आधार – पहली नोटिस NDMC के आदेश के आधार पर जारी की गई, जबकि दूसरी नोटिस दक्षिण पश्चिम नई दिल्ली प्राधिकरण के आदेश के तहत जारी की गई।
2. कानूनी प्रतिबद्धता – दिपके, रंका तथा दास को पहले एयरपोर्ट पर निवारक हिरासत के बाद अदालत के समक्ष पेश किया गया था, और एक वर्ष के लिए सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा न डालने की कानूनी प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर किए थे।
3. प्रोहिबिटरी ऑर्डर – केंद्रीय पार्क में सार्वजनिक समागम व प्रदर्शन पर प्रतिबंध के कारण पुलिस ने दिपके को रोका।
संबंधित बयान / जानकारी
अभिजीत दिपके ने पहले ही सोशल मीडिया पर अपनी पार्टी के विरोध प्रदर्शन को रक्षात्मक रूप से प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार द्वारा नागरिकों के अधिकारों पर प्रतिबंध, व्यापारिक गतिविधियों में व्यवधान, इंटरनेट निलंबन और गतिशीलता पर रोक को लेकर सरकार पर आरोप लगाया।
एक्स पर पोस्ट करते हुए दिपके ने कहा कि सरकार के प्रति जवाबदेही मांगना, अन्याय के खिलाफ विरोध करना और सार्वजनिक प्रतिनिधियों पर सवाल उठाना ‘अनार्की’ नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉकरॉच जनता पार्टी महात्मा गांधी के शांति व अहिंसा के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है।
दिपके ने यह भी बताया कि शांति पूर्ण प्रदर्शन से व्यापारों को कोई नुकसान नहीं होता, परंतु जब सरकार पूरे शहर को बंद कर देती है, इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करती है और नागरिकों की गतिशीलता पर रोक लगाती है, तब ही व्यापारों को वास्तविक नुकसान होता है।
प्रभाव या संदर्भ
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली सरकार द्वारा सार्वजनिक समागम पर लगाए गए प्रतिबंध और ‘प्रोहिबिटरी ऑर्डर’ के प्रति पार्टी की अवहेलना को लेकर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। दिपके के हिरासत में लेने से पार्टी के आगामी विरोध प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है, विशेषकर यदि वे फिर से केंद्रीय पार्क या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करना चाहें।
इसके अलावा, इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानूनी उपायों का उपयोग किया जा रहा है। दिपके और उनके सह-समन्वयकों पर लगाए गए कानूनी प्रतिबद्धता और निवारक हिरासत के बाद अदालत के समक्ष पेश होने की घटना से यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने पहले से ही पार्टी के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
निष्कर्ष
अभिजीत दिपके को ‘तिरंगा विधानसभा’ से पहले हिरासत में लेने की घटना ने दिल्ली की सार्वजनिक व्यवस्था और विरोध प्रदर्शन के बीच के नाज़ुक संतुलन को उजागर किया है। कॉकरॉच जनता पार्टी के शांति पूर्ण प्रदर्शन के प्रति प्रतिबद्धता और सरकार के प्रतिबंधात्मक कदमों के बीच यह टकराव जारी रहेगा। पुलिस द्वारा जारी की गई नोटिसों और ‘प्रोहिबिटरी ऑर्डर’ के तहत की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकार सार्वजनिक समागम पर कड़ी
