सुनवोड़ा का डिजिटल बैटरी पासपोर्ट समाधान 2026 इडीई ऊर्जा एवं तकनीक पुरस्कारों में फाइनलिस्ट
परिचय
लंदन में आज 2026 इडीई ऊर्जा एवं तकनीक पुरस्कारों का समारोह संपन्न हुआ। इस वर्ष के पुरस्कार में सप्लाई चेन एवं स्कोप 3 डिकार्बोनाइजेशन प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर के श्रेणी में नौ फाइनलिस्टों में से सुनवोड़ा के डिजिटल बैटरी पासपोर्ट समाधान को चुना गया। कंपनी के हंगरी शाखा के जनरल मैनेजर वांग चिआओ ने इस सम्मान के लिए प्रतिनिधित्व किया।
मुख्य घटनाक्रम
इडीई, एक यूके आधारित स्थिरता मीडिया प्लेटफ़ॉर्म, ने इस पुरस्कार के माध्यम से सप्लाई चेन के डिकार्बोनाइजेशन को मान्यता दी। फाइनलिस्टों में प्रोलोजिस और मोबिलिटीवेज़ के ग्रीन ट्रैवल प्रोग्राम, साइंगेंटा का सहयोगी कार्बन कमी कार्यक्रम, तथा एचएच ग्लोबल का सतत प्रोक्योरमेंट फ्रेमवर्क शामिल थे। सुनवोड़ा ने बैटरी के जीवनचक्र के डेटा को एकीकृत कर इस क्षेत्र में नवीन समाधान प्रस्तुत किया।
महत्वपूर्ण जानकारी
सुनवोड़ा का समाधान बैटरी के पूरे मूल्य श्रृंखला के डेटा को जोड़ता है, जिससे उत्पाद के कार्बन पदचिह्न और स्थिरता प्रकटीकरण को प्रबंधित करना आसान हो जाता है। कच्चे माल की सोर्सिंग, निर्माण, उपयोग और रीसाइक्लिंग के डेटा का विखंडन सप्लायर, निर्माता और डाउनस्ट्रीम पार्टनर के बीच कार्बन लेखांकन को जटिल बनाता है। इस समाधान के द्वारा उत्पाद पहचान, कार्बन पदचिह्न और अनुपालन जानकारी को एक डिजिटल रिकॉर्ड में समाहित किया जाता है, जिससे उत्सर्जन के हॉटस्पॉट की पहचान, सप्लाई चेन समन्वय और उत्पाद स्थिरता प्रकटीकरण की तैयारी संभव होती है।
विकास 2023 में आरम्भ हुआ और 2024 में सहयोगी पायलट कार्यक्रम चलाए गए। अक्टूबर 2025 में इस प्लेटफ़ॉर्म को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। प्लेटफ़ॉर्म में छह मॉड्यूल हैं: सप्लाई चेन प्रबंधन, ट्रेसबिलिटी मैपिंग, उत्पाद कार्बन पदचिह्न, ड्यू डिलिजेंस, पासपोर्ट प्रबंधन और परिचालन प्रबंधन। कुल 78 संकेतकों को कवर करते हुए यह प्लेटफ़ॉर्म सामग्री सोर्सिंग, पर्यावरणीय प्रदर्शन और अनुपालन रिकॉर्ड को एकीकृत करता है, जिससे साझेदारों को एक ही बैटरी उत्पाद के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और एक्सेस करने में सुविधा मिलती है।
सुरक्षित डेटा विनिमय और अनुमति आधारित पहुँच के माध्यम से सहयोग को बढ़ावा देते हुए डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। 2024 में, सुनवोड़ा और उसके साझेदारों द्वारा संयुक्त रूप से विकसित दो बैटरी पासपोर्ट परियोजनाओं को ग्लोबल बैटरी अलायंस के बैटरी पासपोर्ट पायलट कार्यक्रम के लिए चुना गया। इडीई के परियोजना प्रोफ़ाइल के अनुसार, 2025 में सुनवोड़ा ने पाँच पायलट पूरे किए और 28 प्रमुख सप्लायरों को कार्बन प्रबंधन में संलग्न किया।
सुनवोड़ा ने टीयूवी राइनलैंड और सिमेन्स चीन जैसी प्रतिष्ठित घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बैटरी पासपोर्ट के विकास और अनुप्रयोग पर सहयोग किया है। इन सहयोगों से बैटरी सूचना को संगठनों और उपयोग के विभिन्न चरणों में जोड़ने का अनुभव समृद्ध हुआ है।
संबंधित बयान
सुनवोड़ा के जनरल मैनेजर वांग चिआओ ने कहा, “हमारा डिजिटल बैटरी पासपोर्ट समाधान सप्लाई चेन में पारदर्शिता और कार्बन लेखांकन को सरल बनाता है। यह न केवल उद्योग के लिए लाभकारी है, बल्कि वैश्विक स्थिरता लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इडीई के आयोजक ने यह जोड़ते हुए कहा, “सप्लाई चेन के डिकार्बोनाइजेशन में नवाचार को मान्यता देना अत्यावश्यक है। सुनवोड़ा का समाधान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
प्रभाव या संदर्भ
यूरोपीय संघ के बैटरी विनियमन के तहत 18 फरवरी 2027 से, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी, हल्के परिवहन बैटरी और 2 किलावाट-घंटे से अधिक की औद्योगिक बैटरियों के लिए पासपोर्ट अनिवार्य हो जाएगा। सुनवोड़ा ने घोषणा की है कि वह दिसंबर के मध्य में अपने बैटरी पासपोर्ट प्लेटफ़ॉर्म का दूसरा चरण जारी करेगा। इस नई सुविधा से ग्राहक बैटरी प्रकटीकरण की तैयारी कर सकेंगे और सप्लाई चेन की जानकारी को जोड़ सकेंगे।
उद्योग के लिए यह एक महत्वपूर्ण विकास है, क्योंकि यह बैटरी के पूरे जीवनचक्र में कार्बन पदचिह्न को मापने और रिपोर्ट करने के लिए एक मानकीकृत ढाँचा उपलब्ध कराता है। इससे न केवल नियामक अनुपालन आसान होगा, बल्कि निवेशकों और उपभोक्ताओं को भी पारदर्शी जानकारी मिलेगी।
निष्कर्ष
सुनवोड़ा का डिजिटल बैटरी पासपोर्ट समाधान 2026 इडीई ऊर्जा एवं तकनीक पुरस्कारों में फाइनलिस्ट बनकर स्थिरता और सप्लाई चेन डिकार्बोनाइजेशन के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को पुनः पुष्टि करता है। यह नवाचार बैटरी उद्योग को अधिक पारदर्शी, डेटा-संचालित और कार्बन-न्यूट्रल भविष्य की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। आगामी यूरोपीय विनियमन के साथ, यह समाधान न केवल नियामक आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करेगा।
