सुखचैन का असियाई पैरागेम्स 2026 में पुरुष जॉवलिन थ्रो F55 फाइनल
परिचय
सुखचैन, भारतीय पैरास्पोर्ट्स के उभरते सितारे, 21 अक्टूबर 2026 को आइची‑नागोया, जापान में आयोजित असियाई पैरागेम्स के पुरुष जॉवलिन थ्रो F55 फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह प्रतियोगिता 1:30 पश्चिमी भारत समय पर शुरू होगी, और सुखचैन का लक्ष्य इस महोत्सव में पदक जीतकर अपनी घरेलू सफलता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतारना है।
मुख्य घटनाक्रम
सुखचैन ने पिछले वर्ष नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरास्पोर्ट्स ग्रैंड प्रिक्स में F55 जॉवलिन में 31.18 मीटर के शानदार फेंक से स्वर्ण पदक जीता। उसी प्रतियोगिता में उन्होंने F51/F55 डिस्कस थ्रो में रजत पदक भी हासिल किया। इन उपलब्धियों के बाद, उनकी तैयारी और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
असियाई पैरागेम्स 2026 के जॉवलिन F55 वर्ग में केवल बैठकर प्रतियोगिता करने वाले एथलीट्स भाग लेते हैं, जिनकी शक्ति और तकनीक मुख्यतः ऊपरी शरीर और कोर स्थिरता पर निर्भर करती है। इस वर्ग में प्रतियोगियों को बैठकर फेंकना होता है, जिससे उन्हें अपनी शारीरिक क्षमताओं का अधिकतम उपयोग करना पड़ता है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– तारीख और समय: 21 अक्टूबर 2026, 1:30 पश्चिमी भारत समय
– स्थान: आइची‑नागोया, जापान
– प्रसारण:
– टेलीविजन पर DD स्पोर्ट्स द्वारा लाइव कवरेज
– ऑनलाइन देखने के लिए प्रसर भारती स्पोर्ट्स यूट्यूब चैनल, Waves OTT और FanCode ऐप/वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध
– सुखचैन का लक्ष्य: पदक जीतना और भारत के पैरास्पोर्ट्स को नई ऊँचाइयाँ देना
संबंधित बयान
सुखचैन ने अपनी तैयारी के दौरान कहा, “नई दिल्ली में स्वर्ण जीतने के बाद मैं और भी अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आइची‑नागोया जा रहा हूँ। मेरा लक्ष्य है कि मैं अपनी क्षमता का सर्वोच्च स्तर दिखाऊँ और भारत को गर्वित करूँ।”
असियाई पैरागेम्स के आयोजन समिति के अध्यक्ष ने भी कहा, “सुखचैन ने विश्व स्तर पर अपनी उत्कृष्टता का परिचय दिया है। हमें विश्वास है कि वह इस प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन करेंगे और भारत को और भी गौरव देंगे।”
प्रभाव या संदर्भ
भारत की पैरास्पोर्ट्स टीम ने हाल ही में असियाई पैरागेम्स में 47 पदक (12 स्वर्ण, 17 रजत, 18 कांस्य) की कुल संख्या के साथ अपनी सफलता दर्ज की है। सुखचैन का प्रदर्शन इस कुल में योगदान देगा और भारतीय पैरास्पोर्ट्स को विश्व स्तर पर और भी पहचान दिलाएगा।
इस प्रतियोगिता में अन्य प्रमुख देशों के एथलीट्स भी भाग ले रहे हैं, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और भी ऊँचा है। सुखचैन को इस चुनौतीपूर्ण माहौल में अपनी क्षमताओं को परखना होगा।
निष्कर्ष
सुखचैन का असियाई पैरागेम्स 2026 में पुरुष जॉवलिन थ्रो F55 फाइनल भारतीय पैरास्पोर्ट्स के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। नई दिल्ली में स्वर्ण जीतने के बाद, वह आइची‑नागोया में अपनी सफलता को दोहराने के लिए तैयार हैं। DD स्पोर्ट्स और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर लाइव कवरेज के साथ, भारतीय दर्शक इस रोमांचक मुकाबले को बिना किसी रुकावट के देख सकते हैं। यदि सुखचैन फाइनल में पदक जीतते हैं, तो यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बल्कि भारत के पैरास्पोर्ट्स के लिए भी एक गर्व का क्षण होगा।
